न मस्ते लम्बोदरं विघ्नहर्ता, नमः शूलपाणी नमो वीणापाणी। नमो सर्वदेवाः नमः सर्वभूता, प्रणम्यम् सदा वत्सले मातृभूमे।। ईष्टं नमो गर्जमानम् कपीन्द्रम् , नमो मम् गुरुं च नमः सर्व विप्रं।। कथयामि वृत्तान्त सम्भव स्वकीयं, इच्छामि पुर्णाहुतिं त्वत्प्रसादम् ।। ------------------------------------------ करता हूँ नमन कर विनय सदा, सब देवों , गुरु, भू - देवों का। निज मातृभूमि को कर प्रणाम, निज ईष्ट चरण अभिलाषी हूँ।। *** *** *** *** *** *** मैं केवल भारत वासी हूँ , हाँ केवल भारत वासी हूँ ।। *** *** *** *** *** *** है काशी जी मेरा उद्भव, गुजराती जी का पोता हूँ। पितु मेरे ह...