भारत का नागरिक
मैं भारत का युवा नागरिक,
शक्ति मेरी महान.. शक्ति मेरी महान।
बुरी नीति से लड़ना आता,
बुरे कर्म से खुद को बचाता,
करता नहीं अभिमान..शक्ति मेरी महान।
मैं भारत का युवा नागरिक,
शक्ति मेरी महान.. शक्ति मेरी महान ।
जोश तो है पर होश न खोता,
हर्ष तो रहे पर रोष न होता,
नहीं दर्प अभिमान..शक्ति मेरी महान।
मैं भारत का युवा नागरिक,
शक्ति मेरी महान.. शक्ति मेरी महान ।
आज के इस निर्माण वर्ष में,
निज चरित्र निर्माण करूँ मैं,
फैलाऊँ सद्ज्ञान.. शक्ति मेरी महान ।
मैं भारत का युवा नागरिक,
शक्ति मेरी महान.. शक्ति मेरी महान ।
स्वार्थ की बातें नहीं करूँ मैं,
वसुधा का कल्याण करूँ मैं,
मिट्टी में मेरी जान.. शक्ति मेरी महान ।
मैं भारत का युवा नागरिक,
शक्ति मेरी महान.. शक्ति मेरी महान ।
मम लेखनि से पंडित कहता,
यह वसुधा मेरी भारत माँ है ,
इसका मुझको ज्ञान.. शक्ति मेरी महान।
मैं भारत का युवा नागरिक,
शक्ति मेरी महान.. शक्ति मेरी महान ।
- दुर्गेश पण्डित
बढ़िया। उत्तम रचना 👌👌
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